Polity

न्यायालय की अवमानना (Contempt of court) में महान्यायवादी की भूमिका - Nyayalay ki Avmanna me Mahanyaywadi ki bhoomika

न्यायालय की अवमानना (Contempt of court) में महान्यायवादी की भूमिका – Nyayalay ki Avmanna me Mahanyaywadi ki bhoomika

Current affairs about contempt of court (upsc in hindi) हालिया मामले में भारत के न्यायवादी ने आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर के खिलाफ न्यायालय की अवमानना [Contempt of court] का केस चलाने को लेकर सहमति देने से इंकार कर दिया है । यह मामला उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ टिप्पणी का था । …

न्यायालय की अवमानना (Contempt of court) में महान्यायवादी की भूमिका – Nyayalay ki Avmanna me Mahanyaywadi ki bhoomika Read More »

Supreme Court ka Collegium System UPSC in Hindi

सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम सिस्टम Collegium system

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम न्यूज़ अभी हाल में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम के द्वारा कर्नाटक के 10 एडिशनल जज और केरल हाईकोर्ट के दो एडिशनल जजेस को नियुक्त करने हेतु अनुमोदित किया है वर्तमान में देश में 465 से अधिक जजों के पद खाली हैं और इनको अब लगातार भरने की कवायद शुरू हो रही है। …

सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम सिस्टम Collegium system Read More »

Curative Petition in Hindi

Curative Petition in Hindi उपचारात्मक याचिका

उपचारात्मक याचिका क्या है ? अशोक हुर्रा मामले (2002) के दौरान एक प्रश्न उठा की रिव्यु पेटिशन Review Petition के बाद भी असंतुष्ट व्यक्ति के लिए कोई रास्ता बचता है , कि वह न्याय हासिल कर सके। इसके बाद ही उपचारात्मक याचिका अवधारणा की उत्पत्ति हुई| उपचारात्मक याचिका से संबंधित संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 137 में है। …

Curative Petition in Hindi उपचारात्मक याचिका Read More »

Supreme-Court-review petition

समीक्षा याचिका क्या है (What is Review Petition)

समीक्षा याचिका / पुनर्विचार याचिका – Review Petition in hindi Review Petition – उच्चतम न्यायलय Supreme Court  जब कोई निर्णय देता है तो वह अंतिम होता है और वही कानून बन जाता है और आगे कोर्ट के लिए एक बेंचमार्क की तरह कार्य करता है, हालाँकि न्यायलय को Article 137 के सम्बन्ध में अपने निर्णय …

समीक्षा याचिका क्या है (What is Review Petition) Read More »

Attorny General Of India

भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India)

भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) संविधान में (अनुच्छेद 76) भारत के महान्यायवादी’ के पद की व्यवस्था की गई है। वह देश का सर्वोच्च कानून अधिकारी होता है। भारत के महान्यायवादी -नियुक्ति एवं कार्यकाल महान्यायवादी (अटार्नी जनरल) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है। उसमें उन योग्यताओं का होना आवश्यक है, जो उच्चतम न्यायालय के …

भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) Read More »

Advocate General of State

राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General of the State)

राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General of the State) संविधान (Article 165) में राज्य के महाधिवक्ता की व्यवस्था की गई है। वह राज्य का सर्वोच्च कानून अधिकारी होता है। इस तरह वह भारत के महान्यायवादी का अनुपूरक होता है। महाधिवक्ता – नियुक्ति एवं कार्यकाल महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा होती है। उस व्यक्ति में उच्च न्यायालय …

राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General of the State) Read More »

Nirvachan Ayog

भारत का निर्वाचन आयोग (Election Commission) ( चुनाव आयोग )

निर्वाचन आयोग निर्वाचन आयोग एक स्थायी व स्वतंत्र निकाय है। इसका गठन भारत के संविधान द्वारा देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया था। संविधान के अनुच्छेद 324 के अनसार संसद, राज्य विधानमंडल, राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचन के लिए संचालन, निर्देशन व नियंत्रण की जिम्मेदारी चुनाव …

भारत का निर्वाचन आयोग (Election Commission) ( चुनाव आयोग ) Read More »

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

सर्वप्रथम अमेरिकी संविधान में प्रस्तावना को सम्मिलित किया गया था तदुपरांत कई अन्य देशों ने इसे अपनाया, जिनमें भारत भी शामिल है। प्रस्तावना संविधान के परिचय अथवा भूमिका को कहते हैं। इसमें संविधान का सार होता है। प्रख्यात न्यायविद् व संवैधानिक विशेषज्ञ एन.ए. पालकीवाला ने प्रस्तावना को ‘संविधान का परिचय पत्र’ कहा है। भारतीय संविधान …

भारतीय संविधान की प्रस्तावना Read More »

प्रश्न: चुनावी धोखाधड़ी लोकतंत्र के लिये खतरनाक क्यों है?

प्रश्न: चुनावी धोखाधड़ी लोकतंत्र के लिये खतरनाक क्यों है?

उत्तरः स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव किसी भी लोकतंत्र के मूल आधार हैं। अगर भारतवर्ष में लोकतंत्र का पौधा लहलहा रहा है तो इसका श्रेय यहाँ की चुनाव प्रणाली को भी जाना चाहिये। वहीं हमारे पड़ोसी देशों में जैसे-पाकिस्तान, म्यांमार इत्यादि में जहाँ यह प्रणाली या तो संदिग्ध श्री या इसमें व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार होता …

प्रश्न: चुनावी धोखाधड़ी लोकतंत्र के लिये खतरनाक क्यों है? Read More »

संविधान की मूल संरचना , गोलकनाथ, केशवानंद भारती, मिनर्वा मिल, वामन राव

संविधान की मूल संरचना , गोलकनाथ, केशवानंद भारती, मिनर्वा मिल, वामन राव

मूल संरचना का प्रादुर्भाव संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर सकती है या नहीं, यह विषय संविधान लागू होने के एक वर्ष पश्चात् ही सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचारार्थ आया। शंकरी प्रसाद मामले’ (1951) में पहले संशोधन अधिनियम (1951) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई जिसमें सम्पत्ति के …

संविधान की मूल संरचना , गोलकनाथ, केशवानंद भारती, मिनर्वा मिल, वामन राव Read More »