श्वेत विद्रोह -White Mutiny

श्वेत विद्रोह -White Mutiny

श्वेत विद्रोह -White Mutiny


श्वेत विद्रोह -White Mutiny शक्ति हस्तांतरण के संदर्भ में, ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी से ब्रिटिश क्राउन को, कंपनी के अधीन नियोजित यूरोपियन सैनिकों के एक वर्ग ने विद्रोह कर दिया। इस विद्रोह को व्हाइट म्युटिनी नाम दिया गया, जिसके उत्पन्न होने के कई कारण थे। 1861 से पूर्व, भारत में दो पृथक् सैन्य बल थे, जो ब्रिटिश शासन के अधीन संचालित किए जाते थे।

एक Queen Army (रानी की सेना) और दूसरा ईस्ट इण्डिया कम्पनी के अंतर्गत सैन्य बल था। कंपनी के अधीन सैनिकों को भत्ते, एक ऐसा अतिरिक्त भुगतान जिसे भारत से बाहर होने वाले अभियानों में जाने के लिए दिया जाता था, का भुगतान किया जाता था, लेकिन Queen Army के अंतर्गत सैनिकों को यह नहीं दिया जाता था। शक्ति हस्तांतरण के पश्चात्, यह भत्ता बंद कर दिया गया। शक्ति हस्तांतरण को लेकर कानून की लार्ड कैनिंग द्वारा वैधानिक व्याख्या ने भी प्रभावित यूरोपीय सैनिकों को भड़काया।।

व्हाइट म्युटिनी को भारत में पहले से दयनीय ब्रिटिश स्थिति के लिए एक शक्तिशाली खतरे के रूप में देखा गया जिससे भारत में अभी भी उत्तेजित लोगों के बीच नवीन विद्रोह प्रेरित हो सकता था। यूरोपीय सेनाओं की मांग में बोनस को सूचीबद्ध करना या उन्हें दायित्व मुक्त करना शामिल थे। अंततः सैनिकों की मांग को स्वीकार कर लिया गया और उन्होंने घर वापिस जाने का विकल्प चुना।

1 thought on “श्वेत विद्रोह -White Mutiny”

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.